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मेरा पानी मेरी विरासत योजना | Mera Pani Meri Virasat Yojana: ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन प्रक्रिया

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मेरा पानी मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat Yojana) का आरंभ हरियाणा राज्‍य के माननीय मुख्‍यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा फसल विविधिकरण को प्रोत्‍साहित करने के लिए किया गया है। इस योजना का उददेश्‍य है कि जो किसान धान (चावल) की खेती करते है उन्‍हे रोकना तथा धान की फसल के स्‍थान पर अन्‍य दूसरी फसलों की पैदावार करने के लिए प्रोत्‍साहित करना है।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत जो भी किसान अपनी कुल भूमि के 50% या उससे ज्‍यादा भूमि वाले क्षेत्र पर धान की फसल न उगाकर अन्‍य फसल जैसे कि मक्‍का, बाजरा, कपास, दलहन तथा सब्जियॉ आदि की पैदावार करता है तो उस किसान को 7,000 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्‍साहन राशि का लाभ प्रदान किया जाएगा।

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प्रदेश के जो भी किसान Haryana Mera Pani Meri Virasat Yojana के तहत फसल प्रोत्‍साहन राशि का फायदा लेना चाहते है तो उन सभी से निवेदन है कि योजना के बारे में तमाम जानकारीयो जैसे कि मेरा पानी मेरी विरासत योजना क्‍या है, योजना की पात्रता, उद्देश्‍य, आवश्‍यक दस्‍तावेज तथा रजिस्‍ट्रेशन इत्‍यादि के लिए इस लेख को पूरा अन्‍त तक अवश्‍य पढ़े।

Mera Pani Meri Virasat योजना के लाभ

  • इस योजना का मुख्‍य उद्देश्‍य राज्‍य में जल का सरंक्षण करना है।
  • किसानो को धान की खेती छोडकर अन्‍य फसल करने के लिए प्रोत्‍साहित करनाा है।
  • किसान के द्वारा धान (चावल ) की खेती छोडने पर 7000 रू प्रति एकड का लाभ सरकार द्वारा सभी किसानो को दिया जायेगा।
  • ऐसे किसान जिनके आस पास के क्षेत्र में भूजल की गहराई 35 मीटर से अधिक है सरकार द्वारा उन्‍हे धान की खेती करने की अनुमति नही दी जायेगी।
  • ऐसे किसान जिनके आस पास के क्षैत्र में जल स्‍तर काफी कम है और वो भी धान की जगह यदि दूसरी फसल लगाते है तो उन्‍हे भी इस योजना का लाभ दिया जायेगा।

जैसा कि आप सभी जानते है कि धान की फसल के लिए अधिक पानी की जरूरत होती । इसलिए सरकार चाहती है कि सभी किसान ऐसी फसल बोये जिनमें कम से कम पानी की जरूरत हो। इसके अलावा जो किसान फसल के साथ ड्रिप सिचांई या कम पानी वाले सिंचाई उपकरण अपनाते है उन्‍हे 80% योगदान दिया जायेगा।

योजना के लाभ लेने के लिए पात्रता

  • इस योजना का लाभार्थी हरियाणा राज्‍य का मूल निवासी होना चाहिए।
  • ऐसे किसान भी जो धान की खेती करते है और वह उसके स्‍थान पर अन्‍य फसल बौते है। उनको भी इस योजना के पात्र माना जायेगा।
  • वो क्षैत्र जहा चाहे भूजल स्‍तर कम हो। यदि वे किसान भी धान की जगह अन्‍य फसल की बुवाई करते है उन्‍हे भी इस योजना के पात्र माना जायेगा।

लाभ के लिए जरूरी दस्‍तावेज

  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान पत्र
  • किसान क्रेडिट कार्ड

Mera Pani Meri Virasat योजना के लिए ऑनलाइन कैसे अप्‍लाई करे

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको सबसे पहले योजना की Official Website पर जाना होगा।

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  • ऑफिशियल वेबसाइट पर पहुचने के बाद आपको होम पेज पर New Registration के लिंक पर क्लिक करना है।
  • जैसे ही आप न्‍यू रजिस्‍ट्रेशन के विकल्‍प का चयन करेंगे तो आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा।
  • इस नये पेज पर आपको आधार नबंर Fill करके आगे बढना होगा।
  • अगले चरण में आपको Farmer Details, Total Land Holding, Crop Details आदि की जानकारी भी भरनी होगी।
  • पूछी गई सभी प्रकार की जानकारीया भरने के बाद सबसे अन्‍त में आपको Form को Submit करना होगा।

Mera Pani Meri Virasat Yojana: Contact Us

  • Toll Free Help line 1800-180-2117
  • Kisan Call Centre-18001801551
  • E-mail: agriharyana2009@gmail.com, psfcagrihry@gmail.com

महत्‍वपूर्ण सूचना

मेरा पानी मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat Yojana) के इस ऐप्‍लीकेशन फार्म को अच्‍छी तहत पढकर सही तरीके से भरे। इस फार्म को भरने के बाद अन्‍त में सबमिट करे। सबमिट करने के बाद आपका एप्‍लीकेशन फार्म और धान की खेती छोडने पर ही आपको योजना के पात्र माना जायेगा। इसके बाद ही बाद 7000 प्रति एकड के हिसाब से योजना का लाभ दिया जायेगा। इसके अलावा मेरा पानी मेरी विरासत योजना से जुडी अधिक जानकारी के लिए सरकार की अधिकारीक वेबसाइट अवश्‍य विजिट करे।

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